मनी लॉन्ड्रिंग केस: महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी, 5 बार बुलाने के बावजूद ED के सामने पेश नहीं हुए
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मुंबई11 मिनट पहले
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100 करोड़ रुपए की वसूली मामले में अनिल देशमुख ने प्रारंभिक जांच के बाद अप्रैल में इस्तीफा दे दिया था, लेकिन आरोपों से इनकार किया था।
100 करोड़ की वसूली मामले में मनी लॉन्ड्रिंग एंगल की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने NCP नेता और महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। पांच बार बुलाने के बाद भी देशमुख ED के सामने पेश नहीं हुए। हर बार उनके वकील केंद्रीय जांच एजेंसी के सामने पेश हुए और बढ़ती उम्र, बिमारी और तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए पेशी में छूट मांगते रहे। इस लुकआउट नोटिस के बाद अब अनिल देशमुख देश छोड़कर नहीं जा सकते हैं।
एजेंसी की इस कार्रवाई के बाद अब देशमुख की गिरफ्तारी का खतरा बढ़ गया है। इसी मामले में पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के निजी सचिव (PS) और निजी सहायक (PA) संजीव पलांडे व कुंदन शिंदे को ED ने 26 जून को अरेस्ट किया था। दोनों के खिलाफ 23 अगस्त को चार्जशीट भी दायर की गई थी। दोनों पर रिश्वत के पैसों को जमा करने और उन्हें काले से सफेद करने का आरोप है।
देशमुख पर गृहमंत्री के रूप में पद का दुरुपयोग करने का आरोप
सूत्रों के मुताबिक, ED ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि देशमुख ने महाराष्ट्र के गृहमंत्री के रूप में अपने पद का दुरुपयोग किया और बर्खास्त सहायक पुलिस निरीक्षक सचिन वझे के माध्यम से मुंबई के कई बार और पब से 4.7 करोड़ रुपए एकत्र किए थे। पैसे वसूलने के काम संजीव पलांडे और कुंदन शिंदे के जरिए किया गया। सचिन वझे फिलहाल एंटीलिया विस्फोटक बरामदगी केस और मनसुख हिरेन की हत्या मामले में तलोजा जेल में बंद हैं और NIA इस मामले की जांच कर रही है। उसकी दो जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं।
देशमुख के कई ठिकानों पर हुई है रेड
इसी मामले में ED देशमुख के 12 से ज्यादा ठिकानों पर छापा मार 4.2 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त कर चुकी है। देशमुख को इस मामले से लगातार हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से झटका मिल चुका है। देशमुख की एक याचिका की सुनवाई हाईकोर्ट में लंबित भी है।
अनिल देशमुख के वकील इंद्रपाल ने कहा था कि हमने ED से अपील की थी कि जबतक यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है, हमें पेश होने के लिए बाध्य नहीं किया जाए। फैसला आने के बाद हम खुद एजेंसी के सामने पेश होंगे। हालांकि, अनिल देशमुख सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी पेश नहीं हुए थे।
ED के हाथ में ऐसे आया वसूली का यह मामला
मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह की ओर से पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ रुपए की वसूली का आरोप लगाया गया था। इसके बाद मामला हाईकोर्ट में गया और कोर्ट ने CBI को आरोपों की जांच के लिए कहा था। इसके बाद CBI ने इसमें FIR दर्ज की और उसकी प्राथमिकी का अध्ययन करने के बाद देशमुख और कुछ अन्य के खिलाफ पिछले मई, 2021 में मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत ED ने एक आपराधिक मामला दर्ज किया था।
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