कैप्टन अचानक दिल्ली पहुंचे: केंद्रीय मंत्रियों से अमरिंदर सिंह की मुलाकात संभव, सांसद पत्नी परनीत के सरकारी आवास पर रुके

कैप्टन अचानक दिल्ली पहुंचे: केंद्रीय मंत्रियों से अमरिंदर सिंह की मुलाकात संभव, सांसद पत्नी परनीत के सरकारी आवास पर रुके

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जालंधर6 मिनट पहले

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कैप्टन अचानक दिल्ली पहुंचे: केंद्रीय मंत्रियों से अमरिंदर सिंह की मुलाकात संभव, सांसद पत्नी परनीत के सरकारी आवास पर रुके

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह बुधवार को अचानक दिल्ली पहुंचे हैं। वे चंडीगढ़ से सीधे सांसद पत्नी परनीत कौर के दिल्ली में स्थित निवास पर पहुंचे। फिलहाल अमरिंदर वहीं रुके हुए हैं। सूत्रों की मानें तो अमरिंदर केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर कैप्टन ग्रुप की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। पिछली बार उनकी PM नरेंद्र मोदी से मिलने की चर्चा थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अमरिंदर कांग्रेस छोड़ने का ऐलान कर चुके हैं। ऐसे में उनके दिल्ली दौरे को लेकर सियासी कयास लगने शुरू हो गए हैं।

पिछली बार शाह और डोभाल से मिले थे
CM पद से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह कुछ दिन पहले दिल्ली दौरे पर गए थे। वहां उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से मुलाकात की थी। अमरिंदर के कांग्रेस छोड़ने की घोषणा करते ही कयास लग रहे थे कि वे भाजपा में शामिल हो सकते हैं। उनको केंद्रीय कृषि मंत्री बनाकर किसान आंदोलन का हल निकालने की भी चर्चा थी, लेकिन दिल्ली से लौटने के बाद अमरिंदर ने भाजपा में शामिल होने की बात खारिज कर दी।

अमरिंदर के अगले सियासी कदम पर सबकी नजर
कैप्टन 52 साल से पंजाब की राजनीति में हैं। साढ़े 9 साल पंजाब के CM रह चुके हैं। कुछ दिन पहले अचानक कांग्रेस ने उन्हें CM की कुर्सी से हटा दिया। तब अमरिंदर ने कहा कि उन्हें अपमानित किया गया। इससे चौंकाने वाली बात सिद्धू को लेकर थी। अमरिंदर ने कहा कि वो सिद्धू को किसी भी कीमत में चुनाव नहीं जीतने देंगे। सिद्धू के खिलाफ मजबूत कैंडिडेट उतारेंगे।

माना जा रहा है कि अमरिंदर कोई नया संगठन बना सकते हैं। जिसके जरिए वे कृषि कानून का हल निकलवा कर किसान आंदोलन खत्म करवा सकते हैं। इसके बाद पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 में मैदान में उतर सकते हैं। उनकी पंजाब विकास पार्टी बनाने को लेकर भी चर्चा सामने आ चुकी है। हालांकि, अमरिंदर ने अभी तक इसके बारे में कुछ नहीं कहा।

कांग्रेस के दावे के उलट आंकड़े अमरिंदर के पक्ष में
पंजाब की सियासत में अमरिंदर सिंह दिग्गज नेता हैं। 2002 और 2017 में उनके चेहरे पर ही कांग्रेस सत्ता में लौटी। कांग्रेसियों के साथ विरोधी भी यह बात जानते हैं। मोदी लहर में दिग्गज भाजपा नेता अरूण जेटली को अमृतसर से लोकसभा चुनाव हरा कैप्टन ने अपना दबदबा दिखाया। पंजाब कांग्रेस इंचार्ज हरीश रावत ने कहा कि पंजाब के लोग अमरिंदर के खिलाफ हैं। हालांकि उनका चुनावी रिकॉर्ड बेहतर है।

2017 में आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के माहौल के बीच अमरिंदर 77 सीटें जीत गए। इसके बाद उपचुनाव में 4 में से 3 सीटें जीती। 2019 के लोकसभा चुनाव में 13 में से 8 सीटें जीती। इसी साल फरवरी में 7 नगर निगमों के चुनाव हुए। कांग्रेस ने 350 में से 281 यानी 80.28% सीटें जीती। 109 नगर कौंसिल के चुनाव हुए। इनमें 109 पार्षदों में से 97 कांग्रेसी जीते। 2,165 में से 1,486 यानी 68% वार्ड कांग्रेस जीती।

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