दीदी का केंद्र पर बड़ा आरोप: ममता बनर्जी बोलीं- UP, गुजरात और कर्नाटक के मुकाबले बंगाल में वैक्सीन सप्लाई कम, भेदभाव पर चुप कैसे रहूं
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कोलकाता8 मिनट पहले
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ममता ने कहा कि गुजरात, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक को बंगाल के मुकाबले ज्यादा वैक्सीन दी जा रही है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को केंद्र सरकार की वैक्सीन पॉलिसी पर दूसरी बार सवाल उठाए। केंद्र पर निशाना साधते हुए दीदी ने कहा कि बंगाल को बाकि राज्यों ने मुकाबले कम वैक्सीन सप्लाई की जा रही है।
ममता ने कहा कि गुजरात, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक को बंगाल के मुकाबले ज्यादा वैक्सीन दी जा रही है। मैं लोगों के बीच भेदभाव नहीं करती, लेकिन बंगाल को जनसंख्या के हिसाब से कम वैक्सीन मिली है। मैं बंगाल के साथ हो रहे भेदभाव को चुपचाप नहीं देख सकती। मैं केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करती हूं कि वे राज्यों के आधार पर भेदभाव न करें।
प्रधानमंत्री को चिट्ठी भी लिखी
इससे पहले बंगाल CM ने वैक्सीनेशन के मुद्दे पर PM मोदी को एक पत्र लिखा। ममता ने चिट्ठी में बंगाल की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार ने जल्द बंगाल में वैक्सीन सप्लाई नहीं बढ़ाई तो हालात गंभीर हो सकते हैं। बंगाल के सभी नागरिकों का वैक्सीनेशन करने के लिए 14 करोड़ डोज की जरूरत है।
पत्र में ममता ने और क्या लिखा?
ममता ने कहा कि हमारी क्षमता राज्य में रोजाना 11 लाख वैक्सीनेशन डोज लगाने की है, लेकिन हम रोजाना 4 लाख डोज ही वैक्सीनेट कर पा रहे हैं। इसका कारण वैक्सीन की कम सप्लाई होना है। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को पहले भी पत्र लिख चुकी हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। केंद्र दूसरे राज्यों को ज्यादा वैक्सीन दे रही है। इससे हमें कोई परेशानी नहीं है।
ममता ने पत्र में दावा किया कि बंगाल में कोरोना संक्रमण का रेट घटकर 1.57% से नीचे आ गया है। ये राज्य सरकार की कोशिशों का नतीजा है। इसलिए केंद्र सरकार से निवेदन है कि हमें जरूरत के मुताबिक वैक्सीन डोज सप्लाई करे। बंगाल के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बुधवार तक राज्य में 3.09 करोड़ से ज्यादा लोगों को टीका लगाया जा चुका है।
बंगाल BJP की इस मुद्दे पर राय
बंगाल भाजपा के नेताओं ने वैक्सीन की सप्लाई में भेदभाव के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि बंगाल सरकार राज्य में ठीक से वैक्सीनेशन नहीं करवा पा रही है। उन्होंने 3 अगस्त को कहा कि राज्य में 30 लाख वैक्सीन का स्टॉक है, लेकिन सरकार उसे आम लोगों को उपलब्ध नहीं करवा पा रही है।
इस मुद्दे पर बंगाल बीजेपी चीफ दिलीप घोष के साथ राज्य के भाजपा सांसदों का एक दल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से मिला था। इसके बाद दल ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भी बात की थी। बीजेपी सांसदों ने आरोप लगाया कि राज्य में वैक्सीनेशन के दौरान TMC कार्यकर्ताओं को तरजीह दी जा रही है।
पिछली बार कब उठाया था वैक्सीन का मुद्दा
ममता बनर्जी 27 जुलाई को दिल्ली दौरे पर पहुंची थीं। उन्होंने राहुल, सोनिया, केजरीवाल सहित विपक्ष के कई नेताओं से मुलाकात की थी। इस दौरान वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलने पहुंची थीं। मीटिंग में ममता ने उस वक्त भी वैक्सीन सप्लाई में भेदभाव का मुद्दा उठाया था। उन्होंने प्रधानमंत्री से बंगाल को दिए जाने वाले डोज की संख्या बढ़ाने की मांग की थी। ममता ने कहा था कि बंगाल को आबादी के हिसाब से वैक्सीन मिलनी चाहिए।
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